बाबा नंद सिंह साहिब के 13 नियम (पहला नियम-किसी से कोई चीज़ नहीं मांगनी।)
फलगुणि नित सलाहीऐ जिस नो तिलु न तमाइ ॥ साधसंगत जी, मेरे बाबा नंद सिंह साहिब का जो पहला नियम था - वह था किसी से कोई याचना नहीं करनी। बाबा नंद सिंह साहिब जंगल के बीच से गुजर रहे हैं। सिर्फ एक चादर ओढ़ी हुई है।रास्ते में एक नाला आ गया है, जो पूरा भरा हुआ है और बड़े तीव्र वेग से बह रहा है। साहिब खड़े हो गए। नाले को पार करना है। इतनी ही देर में पीछे से एक और व्यक्ति आकर उसी नाले के किनारेखड़ा होकर उस नाले को पार करने लगा। उसने बाबाजी की ओर देखकर पूछा- क्या आपको भी नाला पार करना है? तो बाबा जी ने हाँ कह दी। वह व्यक्ति कहने लगा- जी, मैं आपको पार करवा देता हूँ। और उसने बाबा जी को वह नाला पार करवा दिया। पार किनारे पहुँचते ही उस व्यक्ति ने कहा- मेरी मजदूरी? साहिब ने उसकी तरफ देखा, अपने शरीर पर ओढ़ी हुई चादर उतारी और उसे देने लगे। साहिब उस व्यक्ति से कहने लगे- देख भले आदमी, हम फकीर लोग हैं, दरवेश हैं। हम अपने पास पैसा नहीं रखते। हाँ, हमारे पास एक चादर है। इस चादर को तुम ले लो। जब देने के लिए उन्होंने वह चादर उतारी तो उस व्यक्ति ने देखा कि ब...